
घने जंगल मेंगर्व से खड़ा अमलताससबको चिढ़ा रहा हैसब देखते बेबसी सेजीवन में रूखापनहरीतिमा है केवलअमलतास परपीले फूलों से लदा अमलतास इतराता हैअपनी छवि परदूसरों को चिढ़ा रहा हैवह जानता है कि बहार हमेशा नहीं रहती फिर भी वह गर्वित हैअपने परकुछ दिन के बाद अमलतास ...
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